Barabanki: असंद्रा क्षेत्र में एक विवाहिता ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट और जेवर हड़पने का आरोप लगाया है।
पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 08 अप्रैल 2026
बाराबंकी जनपद के कोतवाली असंद्रा क्षेत्र अंतर्गत चितई का पुरवा निवासी अवसान पुत्र स्वर्गीय दशरथ ने अपनी पुत्री के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री का विवाह 23 नवंबर 2025 को दरियाबाद निवासी वीरू सिंह पुत्र अमर सिंह के साथ हुआ था। विवाह के समय उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार दान-दहेज भी दिया था।
पति पर प्रेम प्रसंग और मारपीट का आरोप
पीड़िता के अनुसार, विवाह के बाद उसे पता चला कि उसके पति वीरू सिंह का किसी अन्य लड़की से प्रेम संबंध है। जब उसने इसका विरोध किया तो पति ने नाराज होकर उसके साथ मारपीट की और लात-घूसों से पिटाई की।


ससुराल पक्ष पर दहेज मांगने और प्रताड़ना के गंभीर आरोप
पीड़िता ने अपने ससुर अमर सिंह, सास सीमा देवी और ननद सुलोचन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि ससुराल पक्ष के लोग आए दिन उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हैं।
पीड़िता के मुताबिक, उससे मोटरसाइकिल और ₹50,000 की अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर उसके साथ लगातार मारपीट की गई।
इसके अलावा, पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसके ससुराल वालों ने उसके जेवर छीनकर बेच दिए।
पिता ने भी लगाई न्याय की गुहार
पीड़िता के पिता अवसान ने बताया कि शादी कराने वाले लोगों ने भी शादी से पहले ₹50,000 देने का वादा किया था, लेकिन न तो वह रकम दी गई और न ही वे लोग शादी में शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और बेटी के साथ हो रही प्रताड़ना से पूरा परिवार बेहद परेशान है।


पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन
इस मामले में पीड़िता ने कोतवाली असंद्रा में लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रार्थना पत्र प्राप्त हो गया है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
दहेज उत्पीड़न के मामलों पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर किया है। सवाल यह है कि आखिर कब तक बेटियों को शादी के बाद इस तरह की प्रताड़ना का सामना करना पड़ेगा।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / मनोज शुक्ला














