Barabanki News: बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में खरीफ सीजन के बीच खाद संकट गहरा गया है।
सहकारी समितियों पर सर्वर ठप होने से यूरिया-डीएपी नहीं मिल रही, जबकि निजी दुकानों पर किसानों से अधिक कीमत वसूली जा रही है।
किसान यूनियन ने आंदोलन की चेतावनी दी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 22 जुलाई 2026
खरीफ सीजन के चरम पर पहुंचते ही उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में किसानों के सामने उर्वरक संकट गंभीर होता जा रहा है। रामनगर तहसील क्षेत्र की सहकारी समितियों पर सर्वर और नेटवर्क की तकनीकी समस्या के कारण यूरिया और डीएपी का वितरण बाधित है। नतीजतन किसान कई-कई दिनों से समितियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जबकि निजी दुकानों पर सरकारी दर से कहीं अधिक कीमत वसूलकर खाद बेची जा रही है।
धान, मक्का और गन्ने जैसी खरीफ फसलों के लिए इस समय यूरिया और डीएपी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे समय में खाद उपलब्ध न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर उर्वरक नहीं मिला तो फसल की बढ़वार प्रभावित होगी और उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।
सर्वर ठप होने से समितियों पर ठप पड़ा खाद वितरण
किसानों के अनुसार सहकारी संघ लिमिटेड रामनगर, बुढ़वल, बिछलखा, तेलियानी सहित तहसील क्षेत्र की अधिकांश सहकारी समितियों पर कई दिनों से सर्वर और नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। इसके चलते खाद वितरण पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
किसानों का आरोप है कि वे सुबह से शाम तक समितियों पर लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन कर्मचारियों द्वारा हर बार “सर्वर नहीं चल रहा” कहकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है।
निजी दुकानों पर सरकारी दर से दोगुनी कीमत तक वसूली
जहां सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही, वहीं निजी उर्वरक विक्रेता किसानों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।
सरकारी दर के अनुसार—
- यूरिया – ₹266 प्रति बोरी
- डीएपी – ₹1350 प्रति बोरी
लेकिन किसानों का आरोप है कि निजी दुकानों पर—
- यूरिया ₹450 से ₹500 प्रति बोरी
- डीएपी ₹1700 से ₹1800 प्रति बोरी
तक बेची जा रही है। मजबूरी में किसानों को अधिक कीमत चुकाकर खाद खरीदनी पड़ रही है।
एक सप्ताह से समितियों के चक्कर काट रहे किसान
क्षेत्र के किसान रामकिशोर, महेंद्र, अजीज अहमद, दर्शन, नागेंद्र कुमार, राजेश, रामवचन और बरसाती सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि वे पिछले एक सप्ताह से खाद लेने के लिए लगातार समितियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन सर्वर की समस्या के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनकी फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
किसान यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन के नेता रविंद्र कुमार सिंह ने किसानों की समस्या पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर खाद वितरण व्यवस्था सामान्य नहीं हुई, तो किसान जिला कृषि अधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे और विरोध स्वरूप “श्रद्धांजलि सभा” आयोजित करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के जिम्मेदार अधिकारी किसानों की शिकायतें सुनने तक को तैयार नहीं हैं और कई बार फोन करने पर भी कॉल रिसीव नहीं कर रहे।
जिला कृषि अधिकारी बोले- जल्द ठीक होगी व्यवस्था
जिला कृषि अधिकारी राजित राम वर्मा ने बताया कि सर्वर संबंधी तकनीकी समस्या के कारण कुछ समितियों पर खाद वितरण प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही सभी समितियों पर सर्वर सुचारु रूप से संचालित होगा तथा प्रतिदिन सुबह 7 बजे से किसानों को खाद का वितरण सुनिश्चित कराया जाएगा।
किसानों की प्रमुख मांगें
- सभी सहकारी समितियों की सर्वर एवं नेटवर्क समस्या तत्काल दूर की जाए।
- पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराई जाए।
- निजी दुकानों पर हो रही कालाबाजारी और अधिक वसूली पर सख्त कार्रवाई हो।
- किसानों को सरकारी दर पर समय से खाद उपलब्ध कराई जाए।
रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी










