बाराबंकी के खानपुर ग्राम पंचायत में सीमा विस्तार विवाद के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर त्रिस्तरीय समिति का गठन किया गया है।
समिति अब विकास कार्यों का संचालन करेगी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 20 अप्रैल 2026
जनपद के हैदरगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत खानपुर में विकास कार्यों को लेकर लंबे समय से चल रहा प्रशासनिक संकट अब खत्म होने की ओर है। कुछ गांवों के नगर पंचायत सुबेहा में शामिल हो जाने के कारण ग्राम पंचायत की संरचना प्रभावित हो गई थी, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे थे।
प्रधान और सदस्यों के अधिकार स्वतः हुए समाप्त
सीमा विस्तार के चलते ग्राम प्रधान और कुछ पंचायत सदस्यों के आवास नगर पंचायत क्षेत्र में आ गए, जिसके परिणामस्वरूप उनके अधिकार स्वतः समाप्त हो गए।
इसके बाद भी ग्राम विकास विभाग द्वारा नई व्यवस्था लागू करने में देरी की गई, जिससे क्षेत्र में विकास कार्य ठप पड़ गए।

पंचायत सदस्य ने हाईकोर्ट का लिया सहारा
इस पूरे मामले को लेकर ग्राम पंचायत सदस्य अमरजीत सिंह पुत्र दयासागर सिंह ने न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
याचिका में प्रशासनिक लापरवाही और विकास कार्यों में रुकावट का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया।
हाईकोर्ट के निर्देश पर बनी त्रिस्तरीय समिति
याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी, बाराबंकी को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत खानपुर के अवशेष क्षेत्र में त्रिस्तरीय पंचायत समिति का गठन किया जाए।
न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए जिला प्रशासन ने समिति का गठन कर दिया है।

इन लोगों को मिली जिम्मेदारी
जारी आदेश के अनुसार—
- तुलसीराम पुत्र लुटावन को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है
- अमरजीत सिंह पुत्र दयासागर सिंह को सदस्य बनाया गया है
- फिरोजा बानो पत्नी मोहम्मद वसीम को भी समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है
अब समिति संभालेगी विकास कार्यों की जिम्मेदारी
यह त्रिस्तरीय समिति ग्राम प्रधान के अधिकारों और कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी।
इसके साथ ही संबंधित सहायक विकास अधिकारी (ADO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने पर्यवेक्षण में सभी योजनाओं को पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा कराएं।
विकास कार्यों में तेजी की उम्मीद
नई समिति के गठन से अब क्षेत्र में रुके हुए विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासनिक स्पष्टता आने के बाद अब बुनियादी सुविधाओं और योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













