
बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
रामनगर विकासखंड के निजामपुर मजरे उसरी गाँव में ग्रामीणों ने अपनी एकजुटता और श्रमदान का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। त्रिलोकपुर-रानीबाजार लिंक रोड से बाबू भट्ठा तक का लगभग 200 मीटर लंबा चकमार्ग बारिश के कारण बुरी तरह खराब हो गया था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
रास्ते में गहरे गड्ढे और कीचड़ भर जाने से लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान से रास्ते की मरम्मत के लिए गुहार लगाई, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अंततः, अपनी समस्या का समाधान खुद करने का निश्चय कर दर्जनों ग्रामीण एक साथ आए और श्रमदान शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने खुद ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी मंगवाई और फावड़ों की मदद से पूरे रास्ते को समतल कर दिया। इस श्रमदान में कुलदीप वर्मा, कमलेश, दशरथलाल, गोविंद, राकेश सहित कई अन्य ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने रास्ता तो ठीक कर लिया है, लेकिन ग्राम प्रधान की इस घोर लापरवाही की शिकायत वे खंड विकास अधिकारी से करेंगे। इस मामले पर सहायक विकास अधिकारी अभय शुक्ल ने संज्ञान लेते हुए कहा कि वे इस बात की जांच करेंगे कि चकमार्ग का निर्माण कार्य अब तक क्यों नहीं कराया गया।
यह घटना जहाँ एक ओर ग्रामीणों की एकता और आत्मनिर्भरता को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय पंचायत व्यवस्था की कार्यप्रणाली और ग्राम प्रधान की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद
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Author: Barabanki Express
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