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मुलेठी के फायदे जानें — यह जड़ी-बूटी गले की खराश, खांसी, एसिडिटी, त्वचा और बालों की समस्याओं में बेहद उपयोगी है। जानें मुलेठी का सही सेवन और सावधानियां।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
आयुर्वेद में मुलेठी (Licorice) को “औषधियों की रानी” कहा गया है। यह एक ऐसी जड़ी-बूटी है जो न सिर्फ खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारियों में फायदेमंद है, बल्कि पाचन, त्वचा, बाल और इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाती है। मुलेठी की जड़ में ग्लाइसिरिज़िन (Glycyrrhizin) नामक तत्व पाया जाता है, जो इसे औषधीय गुण देता है।
मुलेठी क्या है?
मुलेठी एक झाड़ीदार पौधा है जिसकी जड़ें मीठी होती हैं। इसका उपयोग आयुर्वेद, यूनानी और घरेलू चिकित्सा पद्धतियों में सदियों से किया जा रहा है। इसे अंग्रेज़ी में Licorice Root कहा जाता है।

मुलेठी के प्रमुख फायदे
1. गले की खराश और खांसी में रामबाण
- मुलेठी गले की जलन, सूजन और खराश को शांत करती है।
- यह बलगम को पतला कर बाहर निकालने में मदद करती है।
- मुलेठी का काढ़ा या टुकड़ा चबाने से गला तुरंत साफ होता है।
टिप: सर्दी-जुकाम में मुलेठी, तुलसी और अदरक का काढ़ा बेहद असरदार होता है।
2. सांस की बीमारियों में राहत
- मुलेठी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं।
- अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और खांसी में इसका नियमित सेवन फायदेमंद है।
- यह गले और फेफड़ों से बलगम साफ करती है।
3. पेट और पाचन तंत्र के लिए उपयोगी
मुलेठी पाचन को दुरुस्त रखती है और गैस, एसिडिटी व अल्सर से राहत देती है।
- यह पेट की जलन और सूजन को कम करती है।
- पेट में अल्सर के रोगियों के लिए यह प्राकृतिक उपचार माना जाता है।
4. त्वचा को चमकदार और साफ बनाती है
मुलेठी पाउडर को दूध या गुलाबजल के साथ लगाना त्वचा के लिए फायदेमंद है।
- यह झाइयाँ, सनटैन और पिग्मेंटेशन को कम करता है।
- चेहरे की रंगत निखारता है और प्राकृतिक ग्लो लाता है।
5. बालों को झड़ने से रोकती है
मुलेठी बालों की जड़ों को पोषण देती है।
- मुलेठी, आंवला और शिकाकाई पाउडर को मिलाकर लगाने से बाल मजबूत होते हैं।
- यह डैंड्रफ और स्कैल्प इन्फेक्शन से भी बचाती है।
6. तनाव और थकान दूर करती है
मुलेठी में एडाप्टोजेनिक गुण पाए जाते हैं जो शरीर को तनाव से लड़ने में मदद करते हैं।
- यह मानसिक शांति और ऊर्जा बनाए रखती है।
- थकान और कमजोरी में मुलेठी दूध या शहद के साथ लेना लाभकारी है।
मुलेठी सेवन की सावधानियां
- लगातार 2–3 हफ्तों से ज़्यादा सेवन न करें।
- हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज डॉक्टर की सलाह से ही लें।
- गर्भवती महिलाओं को इससे परहेज़ करना चाहिए।
मुलेठी सेवन का सही तरीका
- काढ़ा: 1 कप पानी में 1 चम्मच मुलेठी, तुलसी और अदरक डालकर उबालें।
- पाउडर: आधा चम्मच पाउडर को शहद या गुनगुने दूध के साथ लें।
- चाय: मुलेठी के टुकड़े को उबालकर नींबू और शहद के साथ पिएं।
निष्कर्ष
मुलेठी एक प्राकृतिक औषधि है जो शरीर, त्वचा और बाल — तीनों के लिए वरदान है। यदि सही मात्रा में और सीमित समय तक इसका उपयोग किया जाए तो यह कई दवाओं से बेहतर असर दिखा सकती है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद
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Author: Barabanki Express
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