
नई दिल्ली/तेहरान/यरुशलम।
मध्य-पूर्व में जारी ईरान-इज़रायल संघर्ष में आज कई नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिले। एक ओर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम और शांति का दावा किया, वहीं दूसरी ओर ईरान ने इज़रायल पर नए मिसाइल दाग दिए और बाद में सीज़फायर पर किसी भी समझौते से इनकार कर दिया।
ट्रंप का ‘शांति’ और ‘सीज़फायर’ का दावा
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज एक बयान जारी करते हुए दावा किया कि ईरान ने कतर में अमेरिकी बेस पर हमले के बाद ‘बहुत ही कमज़ोर प्रतिक्रिया‘ दी थी। ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने 14 मिसाइलें दागीं, जिनमें से 13 को मार गिराया गया और इस हमले में कतर या अमेरिका का कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ। उन्होंने कतर के अमीर का सहयोग के लिए धन्यवाद भी किया।
ट्रंप ने आगे बढ़कर ‘Congratulations World, IT’s Time for Peace!!’ का नारा दिया और घोषणा की कि 12 दिन से जारी ईरान-इज़रायल युद्ध खत्म हो गया है। उन्होंने पुष्टि की कि सीज़फायर पर सहमति बन गई है, जिसके तहत ईरान की ओर से हमले रोकने की शर्त पर इज़रायल सहमत हुआ है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने आधिकारिक रूप से सीज़फायर की पुष्टि कर दी है और दोनों देश युद्ध समाप्त करने पर राजी हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह संघर्ष जारी रहता तो यह वर्षों तक चल सकता था, और अब 24 घंटे के भीतर जंग पूरी तरह खत्म हो जाएगी, जबकि 6 घंटे के भीतर युद्धविराम प्रभावी हो जाएगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब ईरान पर कोई जवाबी हमला नहीं करेगा, क्योंकि दोनों देशों ने आपसी सहमति से युद्ध रोकने का फैसला किया है।
ट्रंप के दावे के बाद ईरान का मिसाइल हमला और सीज़फायर से इनकार
ट्रंप के इन बड़े बयानों के कुछ ही समय बाद, स्थिति ने एक चौंकाने वाला मोड़ लिया। आज सुबह 7:50 बजे (24 जून 2025) ईरानी मिसाइलों ने एक बार फिर इज़रायल को निशाना बनाया। एएफपी न्यूज एजेंसी के अनुसार, इज़रायली सेना ने पुष्टि की है कि ईरान से कुछ देर पहले मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद उत्तरी और दक्षिणी इज़रायल में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया और सायरन सक्रिय कर दिए गए। इज़रायल ने मिसाइल लॉन्च की पहचान ईरान से होने की पुष्टि की है।
यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब एक तरफ सीज़फायर की संभावनाएं जताई जा रही थीं, वहीं दूसरी तरफ तेहरान से हमले की चेतावनी भी जारी थी। इससे यह स्पष्ट संकेत मिला है कि क्षेत्र में युद्धविराम पूरी तरह प्रभावी नहीं हुआ है या यह आखिरी जवाबी हमला हो सकता है। इज़रायल की एयर डिफेंस यूनिट्स हाई अलर्ट पर हैं, जिससे पूरे मिडल ईस्ट में तनाव फिर चरम पर है। स्थिति अस्थिर बनी हुई है, और यह तय नहीं है कि आगे बातचीत होगी या बदले की कार्रवाई।
इन सब के बीच, ईरानी विदेश मंत्री ने इज़रायल के साथ युद्धविराम पर ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इज़रायल सुबह 4 बजे तक अपने हवाई हमले बंद कर देता, तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई रोक देता, लेकिन सीजफायर पर कोई समझौता नहीं हुआ है।
यह विरोधाभासी स्थिति बताती है कि मध्य-पूर्व का संकट अभी भी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें इस क्षेत्र पर बनी हुई हैं।
रिपोर्ट – नौमान माजिद
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Author: Barabanki Express
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