
बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
राज्य कर विभाग ने बाराबंकी में जीएसटी धोखाधड़ी के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है, जिसमें दो फर्जी फर्मों ने मिलकर ₹65 करोड़ से अधिक की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाकर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है। ‘श्री शाह ट्रेडर्स’ और ‘श्री निभय इंटरप्राइजेज’ नामक इन फर्मों के खिलाफ विस्तृत जांच के बाद, विभाग ने नगर कोतवाली में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी है। यह कार्रवाई उन जालसाजों के खिलाफ विभाग की सख्त मुहिम का हिस्सा है जो फर्जी बिलिंग और बेनामी लेनदेन के जरिए राजस्व की चोरी कर रहे हैं।
‘श्री शाह ट्रेडर्स’: ₹63 करोड़ के फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड
राज्य कर विभाग, वि.अनु.शा उपायुक्त अल्पना वर्मा द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, अयोध्या प्रभाग-1 के क्षेत्राधिकार में पंजीकृत फर्म ‘श्री शाह ट्रेडर्स’ (GSTIN-09RQRPS6239H1ZL) पर विभाग की नज़र तब पड़ी जब विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण में अनियमितताएं सामने आईं। 30 मई, 2025 को जब विभाग की टीम ने इस फर्म के घोषित व्यापार स्थल (10 फैजाबाद रोड, निकट स्वस्तिक कम्युनिकेशन, प्रित विहार कॉलोनी, बाराबंकी) की जांच की, तो उन्हें हैरान करने वाली सच्चाई का सामना करना पड़ा। फर्म का घोषित पता पूरी तरह से अस्तित्वहीन निकला। आस-पास के लोगों से पूछताछ करने पर भी इस फर्म के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि फर्म ने पंजीकरण प्राप्त करते समय मालिक के तौर पर बिहार के निवासी शनन कुमार शाह का पता दर्ज कराया था, और व्यापार स्थल के समर्थन में एक फर्जी बिजली का बिल भी अपलोड किया था। यह सब राजस्व अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश थी।
पंजीकरण प्राप्त करने की तिथि 25 जनवरी, 2025 के बाद, ‘श्री शाह ट्रेडर्स’ ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिना ई-वे बिल के ₹63,24,49,951/- (लगभग ₹63.24 करोड़) की आउटपुट सप्लाइज (फर्जी बिक्री) घोषित कर दी। इसके बाद, उसने अपनी समस्त करदेयता को फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से सेटऑफ कर दिया। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस फर्म ने ₹65,38,57,215/- (लगभग ₹65.38 करोड़) की बोगस इनवर्ड सप्लाइज (फर्जी खरीद) दिखाकर ₹18,30,80,020.2 IGST (लगभग ₹18.30 करोड़) की ITC क्लेम की। वहीं, ₹63,24,49,951/- की बोगस आउटवर्ड सप्लाइज दिखाकर ₹15,89,17,884.28 IGST (लगभग ₹15.89 करोड़) की ITC पास-ऑन की। यह सब बिना किसी वास्तविक माल के आवागमन के किया जा रहा था, जिससे स्पष्ट है कि यह फर्म केवल करापवंचन के उद्देश्य से बनाई गई थी। फर्म के मालिक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उसका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर स्विच ऑफ पाया गया।
‘श्री निभय इंटरप्राइजेज’: ₹18 लाख की आईटीसी धोखाधड़ी
दूसरा मामला ‘श्री निर्भय इंटरप्राइजेज’ (GSTIN-09AKLPN9020G1ZY) का है, जिसकी जांच 11 फरवरी, 2025 को की गई थी। इस फर्म का घोषित व्यापार स्थल सिद्धार्थ नगर, नबीगंज, मौलाना मुजीब रोड, बाराबंकी भी अस्तित्वहीन पाया गया। फर्म के मालिक निर्भय नायक, जो भोपाल के निवासी हैं, ने पंजीकरण के लिए फर्जी पते और बिजली के बिल का इस्तेमाल किया था। जांच में सामने आया कि जो बिजली का बिल संलग्न था, वह किसी अन्य व्यक्ति, प्रेम प्रकाश गुप्ता के नाम का था।
इस फर्म ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल ₹57,16,195/- (लगभग ₹57 लाख) की आउटपुट सप्लाइज घोषित की और ‘श्री सतीश ट्रेडर्स’ तथा ‘श्री संदीप ट्रेडर्स’ जैसी फर्मों को बोगस आईटीसी पास-ऑन की। विभाग ने पाया कि एक क्रेता फर्म ‘श्री संदीप ट्रेडर्स’ का पंजीकरण 20 अगस्त, 2024 को पहले ही रद्द हो चुका था, जिससे यह साबित हुआ कि यहां भी केवल कागजों पर लेनदेन दिखाकर आईटीसी का गलत लाभ उठाया जा रहा था।
‘श्री निर्भय इंटरप्राइजेज’ ने कुल ₹1,02,35,027/- (लगभग ₹1.02 करोड़) की बोगस आउटवर्ड सप्लाइज के माध्यम से ₹18,42,304.96/- (लगभग ₹18.42 लाख) की फर्जी आईटीसी पास-ऑन की है। यह फर्म भी केवल फर्जी इनवॉइसों के आदान-प्रदान के माध्यम से आईटीसी हस्तांतरित कर रही थी।
राजस्व को बड़ा नुकसान और कानूनी कार्रवाई
राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दोनों फर्मों का अस्तित्व नहीं है और वे केवल जीएसटी अधिनियम की धारा-16 (2)(बी) एवं 16 (2)(सी) का उल्लंघन करते हुए बोगस इनवॉइसों का आदान-प्रदान कर रही थीं। यह पूरी कवायद केवल करापवंचन के उद्देश्य से की जा रही थी, जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
विभाग ने दोनों फर्मों के मालिकों, शनन कुमार शाह और निर्भय नायक, के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और जीएसटी अधिनियम के तहत FIR दर्ज करा दी है। इन कार्रवाइयों से जीएसटी धोखाधड़ी और फर्जी बिलिंग में संलिप्त अन्य फर्मों में हड़कंप मच गया है। राज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि सरकारी खजाने की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद
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Author: Barabanki Express
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