हैदरगढ़-बाराबंकी।
बाराबंकी में एक कलयुगी मां ने ममता को शर्मसार करते हुए जन्म के फ़ौरन बाद ही अपनी नवजात बच्ची को जंगली जानवरों का निवाला बनने के लिए झाड़ियों में फेंक दिया। लेकिन जाको राखे साईया मार सके ना कोई की तर्ज पर झाड़ियों में पड़ी मासूम पर ग्रामीणों की नज़र पड़ गयी। जिन्होंने बच्ची को अस्पताल ले जाकर उसका इलाज कराया। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर है और उसे चाइल्ड लाइन टीम के सुपुर्द करने की कवायद चल रही है।
हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बेहटा टीका रामधाम गोमती नदी के पीपे वाले पुल के समीप मंगलवार की सुबह करीब 09 बजे झाडियो से किसी नवजात के रोने की आवाज़ सुनकर जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो झाड़ियों के बीच कपड़े में लिपटी हुई एक नवजात बच्ची को देख उनके होश उड़ गए। आनन फानन में ग्रामीणों ने नवजात को पहले पीएचसी टीकारामन फिर सीएचसी हैदरगढ़ ले जाकर उसका दवा इलाज कराया।
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सीएचसी प्रभारी डॉक्टर सौरभ शुक्ला ने बताया कि बच्ची को देखकर प्रतीत होता है कि 24 घंटे पहले ही उसका जन्म हुआ है। इलाज के बाद अब बच्ची की हालत स्थिर है और किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। सूचना पर अस्पताल पहुंची पुलिस द्वारा चाइल्ड लाइन टीम को बुलाकर सुपुर्दगी की कार्यवाही की जा रही है।
रिपोर्ट – मोहम्मद इदरीस
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Author: Barabanki Express
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